“सांझ का दर्द”

खुश है गर वो हमें याद ना करके,
हँस रहे हैं वो हमसे बात ना करके !
यह हँसी उनके होंठों से कभी ना जाए,
खुदा करे वो हमारी मौत पर भी मुस्कुराए !!

Advertisements