घर के बाहर भले ही दिमाग ले जाओ 
क्योंकि दुनियाँ एक ‘बाजार’ है,
लेकिन घर के अंदर सिर्फ दिल ले जाओ 
क्योंकि वहाँ एक ‘परिवार’ है… 

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