अब उदास होना भी अच्छा लगता है!
किसी का पास न होना भी अच्छा लगता है!
मैं दूर रह कर भी किसी की यादों में हूँ!
ये एहसास होना भी अच्छा लगता है!

बड़ी तब्दीलियाँ लायें हैं अपने आप में लेकिन;
तुम्हे बस याद करने की, वो आदत अभी बाकी है!

उनसे दूर जाने का इरादा तो न था
सदा-साथ रहने का भी वादा तो न था
वो याद आएगी, ये जानते थे हम
पर इतना याद आएगी, अंदाज़ा तो न था !

न सवाल बनकर मिला करो, न जवाब बनकर मिला करो !
मेरी ज़िन्दगी मेरे ख्वाब हैं, मुझे ख्वाब बनकर मिला करो !!

खींच लेती है मुझे उसकी मोहब्बत;
वरना मै बहुत बार मिला हूँ आखरी बार उससे!

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