आज असमान के तारों ने मुझे पूछ लिया,
क्या तुम्हें अब भी इंतज़ार है उसके लौट आने का,
मैंने मुस्कुराकर कहा,
तुम लौट आने की बात करते हो,
मुझे तो अब भी यकीन नहीं उसके जाने का !
*
एक अजीब सी चुभन है आज दिल में कहीं,
कुछ टूट के बिखर गया है जर्रे जर्रे सा !
मत खाओ कसमें सारी ज़िन्दगी साथ निभाने की, 
हमने सांसो को भी जुदा होते देखा है !!
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लोग कहते है दिल पत्थर है मेरा,
इसलिए इसे पिघलना नही आता ! 
अब क्या कहूँ क्या आता है, क्या नही आता,
बस मुझे तो मौसम की तरह, बदलना नही आता !!
*
अक्सर लोग अपने दोस्त कि तारीफ़ करते रहते हैं;
ताकि वो उनसे जुदा ना हो जाये; 
और हम इसलिए खामोश रहते हैं;
ताकि हमारे दोस्त पर कोई और फ़िदा ना हो जाये…
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