वो रात को रोशन हो तो

चाँद सिर्फ मेरा हो 

वो फूलों कि खुशबु हो तो

एहसास सिर्फ मेरा हो 

वो फलक के उजाले हो तो

चिराग सिर्फ मेरा हो 

वो इश्क हो तो

दिल सिर्फ मेरा हो 

वो पानी कि बुँदे हो तो 

दरिया सिर्फ मेरा हो 

वो किस्मत कि लकीर हो तो 

हाथ सिर्फ मेरे हो 

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कोई तो ऐसा हो जो 

सिर्फ और सिर्फ मेरा हो….

“क्या वो तुम हो ?”

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