Archive for अप्रैल, 2012


अमूमन लोग कोई भी सामान खरीदने से यही सोचते हैं कि जो पसंद आएगा, वही ले लेंगे। मगर यह बात इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में फिट नहीं बैठती। हर दिन नई तकनीक और फीचर्स के चलते गैजेट बाजार में बदलाव होते रहते हैं। फिर चाहे वह मोबाइल हो या पर्सनल पीसी। लैपटॉप जैसे उत्पाद को खरीदने से पहले तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। स्टूडेंट, बिजनसमैन और फील्ड में काम करने वाले लोगों के दिमाग में यह सवाल जरूर उठता है कि जरूरत के हिसाब से कौन सा लैपटॉप अच्छा होगा। इसमें मदद करेंगी ये छोटी किंतु महत्वपूर्ण बातें।.
मजबूती पर दें ध्यान:-
जो भी मॉडल चुनें, वह मजबूत और टिकाऊ हो। उसके सर्विस सेंटर हर जगह हों, ताकि किसी समस्या के सामने आने पर उसका समाधान मिल सके। तकनीकी रूप से लैपटॉप में हाई क्वालिटी प्रोसेसर लगा होना चाहिए। लैपटॉप का भार ज्यादा न हो, क्योंकि हो सकता है कि आपका अधिकतर समय सफर में गुजरता हो। 
मैमोरी हो अच्छी:-
बिजनेस के लिए लैपटॉप लेना हो या स्टूडेंट के लिए, उनमें अच्छी मैमोरी का होना महत्वपूर्ण है। हालांकि आजकल लैपटॉप में एक्सपेंडेबले मैमोरी का ऑप्शन दिया जा रहा है। ऐसे में कोशिश करें कि एक्सपेंडेबल मैमोरी की स्पेस ज्यादा हो, इससे लैपटॉप तेज प्रोसेसिंग देता है। साथ ही आपका ज्यादा से ज्यादा डाटा भी उसमें महफूज रह सकेगा। इसके साथ ही सिक्योरिटीज फीचर्स भी ध्यान में रख कर किसी मॉडल का चयन करें।
गेमिंग लैपटॉप:-
अगर आप महज गेमिंग के लिए लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो उसमें अच्छी स्क्रीन, बेहतरीन रिज्योलूशन और दमदार ग्राफ्रिक सपोर्ट होना चाहिए। गेमिंग लैपटॉप को खरीदने से पहले बजट थोड़ा बढ़ा कर चलें, क्योंकि बिजनेस और स्टूडेंट लैपटॉप के मुकाबले गेमिंग लैपटॉप में तकनीकी रूप से ज्यादा अच्छे कंफीग्रेशन की जरूरत पड़ती है। इस कारण उनकी कीमत ज्यादा होती है।
वारंटी देख लें:-
अक्सर देखा गया है कि कंपनियां लैपटॉप खरीदने पर 6 महीने से लेकर 1 साल की ही वारंटी देती हैं। जब भी नया लैपटॉप खरीदें, उसमें पहले से लोडेड सॉफ्टवेयर को जांच कर लें कि वे सही तरीके से काम कर रहे हैं कि नहीं। कंपनियां शुरुआत में कुछ ट्रायल सॉफ्टवेयर देती हैं, जो कुछ समय बाद एक्सपायर हो जाते हैं। इसके बाद उन्हें हटाना पड़ता है, जिससे अन्य सॉफ्टवेयर के डिलीट होने का डर भी बना रहता है। ऐसे में ट्रायल सॉफ्टवेयर से बच कर रहें।

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जब कभी प्यार करो तो मालुम हो, के दर्द कितना है…

वो एक शख्स जो मिलता भी नहीं, और भूलता भी नहीं, 

चुभता कितना है… रातों की अंगडाईयां में, 

या सुबह की परछाइयों में, सूनापन कितना है…

जो कभी प्यार करो तो मालुम हो, के दर्द कितना है…

बैठे बैठे नम हो जाती है ये आँखे, इन आँखों में इंतज़ार है…

पुरा समन्दर जो तौल न पाया, उन दो बूंदों में, प्यार कितना है…

जो कभी प्यार करो तो मालुम हो, के दर्द कितना है…

शाम हुई है, के सूरज ढल गया…

जो मिले ही नहीं कभी, उनको खोना कैसा है…

जो कभी प्यार करो तो मालुम हो, के दर्द कितना है…

उन पुरानी यादों में, या फिर शायरों की बातों में, नाम किसका है…

जो कभी प्यार करो मालुम हो, के हुस्न -ए- दिवानगी में नशा कितना है…

रातों को जो सोने न दे, किसी और का होने न दे, 

ऐसी मोहब्बत में, प्यार कितना है…

जो कभी प्यार करो तो मालुम हो, के दर्द कितना है…

जो अकेले कमरे में घंटो बैठे रहे, ना कुछ सूझे उसके सिवाय, 

न कुछ किया ही जाए, ऐसी शामों में, इंतज़ार कितना है…

जो कभी प्यार करो तो मालुम हो, के दर्द कितना है…

दान दहेज़ की चक्की में आज पीस रही है औरत 

सभ्य समाज के हाथों आज लुट रही है औरत 

गाय की तरह बाँध रहे हैं लोग आज भी इन्हें

हर जुल्म को घुट के आज सह रही है औरत 

नित नये क़ानून को थोपा जाता है इसके माथे

दुनिया के झूठे उसूलों में आज पल रही है औरत 

अब भी कुछ लोग पाँव की जूती ही समझते हैं इन्हें 

मर्दों के पाँव तले आज भी कुचल रही है औरत

तन के साथ होता है इनके मन का भी बलात्कार 

इंसान की दरिंदगी से आज दहल रही है औरत 

रिश्तों की मर्यादा के लिये सी लिया है जुबान इसनें 

माँ-बहन-बीवी के रूप में आज सिसक रही है औरत 

जुल्म के हद के बाद भी जुल्म हो रहा है इस पर 

जीते जी कहीं कहीं पर आज भी जल रही है औरत


नीलकमल वैष्णव”अनिश”

हो चुकी अब किसी और कि वो…

कभी मेरी ज़िंदगी थी वो…

भूलता है कौन अपनी पहली मुहब्बत को…?

मेरी तो सारी खुशी थी वो…

फूलों कि तरह मुस्कुराती थी वो…

मेरे होंठों कि हँसी थी वो…

मुद्दतों के बाद देखा है मैंने उसको…

आज भी उतनी हसीन दिखती है वो…

जिसके नाम मैंने अपनी ज़िंदगी कर दी…

लोग कहते हैं मेरे लिए अजनबी थी वो…

नीलकमल वैष्णव”अनिश”

शुभप्रभात दोस्तों
हमने अपनी जिंदगी में सबको अहमियत दी है क्योंकि
जो अच्छे होंगे वो खुशी देंगे और जो बुरे होंगे वो सबक देंगे…

यदि आप किराए के मकान में रहते हैं तो अपनाएं ये 10 बातें

आज भी काफी अधिक लोग ऐसे हैं जिनका अपना खुद का घर नहीं है, वे किराए के घर में रहते हैं। ऐसे लोगों की संख्या काफी अधिक जो जीवनभर किराए के घर में ही अपनी पूरी जिंदगी निकाल देते हैं। कई बार काफी अधिक मेहनत के बाद भी पर्याप्त पैसा प्राप्त नहीं हो पाता। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, वास्तु दोष के कारण भी हमारी आय प्रभावित होती है। 

अगर आप रेंट पर फ्लेट लेते हैं या किराए का घर है तो मकान मालिक की बिना अनुमति मकान में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ऐसे घरों में अक्सर वास्तु शास्त्र के अनुसार कई कमियां रहती हैं। इन दोषों की वजह से वहां रहने वाले लोगों को धन की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वास्तु के अनुसार बने घर में किराएदार भी सुखी और संपन्न और धनवान रहते हैं। यदि आप भी चाहते हैं कि आपके घर में किसी तरह का वास्तुदोष ना रहे तो इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर किराए के भवन में रहते हुए भी वास्तुदोष दूर किया जा सकते हैं। वास्तु दोष दूर होने के बाद आपके परिवार की आय में बढ़ोतरी होगी और पैसों की तंगी नहीं रहेगी।
1- घर की छत पर किसी प्रकार का पुराना कबाड़ा न रखें।
2- घर का उत्तर-पूर्व का भाग खाली रखें।
3- घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा के भाग में अधिक भार या सामान रखें।
4- ध्यान रखें बाथरूम में या घर में अन्य किसी स्थान पर नल हो तो उससे फिजूल पानी नहीं टपकना चाहिए।
5- बेडरूम में राधा और कृष्ण का फोटो लगाएं।
6- घर के दरवाजे पर काले घोड़े की नाल उलटी करके लगाएं।
7- घर में पानी की सप्लाई उत्तर-पूर्व दिशा से लें।
8- बेडरूम में पलंग का सिरहाना दक्षिण दिशा में रखें और सोते समय सिर दक्षिण दिशा में व पैर उत्तर दिशा में रखें। यदि ऐसा संभव न हो तो पश्चिम दिशा में सिरहाना व सिर कर सकते हैं।
9- खाना हमेशा दक्षिण-पूर्व की ओर मुंह करके ही खाएं।
10- आपकी आय काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि घर में भगवान का स्थान या मंदिर कहां है? वास्तु के अनुसार भगवान के लिए उत्तर-पूर्व दिशा श्रेष्ठ रहती है। इस दिशा में मंदिर स्थापित करें। यदि मंदिर किसी ओर दिशा में हो तो पानी पीते समय मुंह ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें।

काफी लोगों का सपना होता है कि उनका अपना सुंदर सा आशियाना हो लेकिन सभी का यह सपना पूरा नहीं हो पाता। जो लोग किराए के घर में रहते हैं वहां के वास्तु दोष की वजह से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं कर पाते और खुद के घर का सपना, सपना ही रह जाता है। घर का सही वास्तु हमारी आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सौजन्य:- दैनिक भास्कर & गूगल वेबइमेज