Archive for मई, 2012


मेरा तुमसे ऐसा रिश्ता है जैसे….
ख्वाब का जो ताबीर से है
शीशे का जो तस्वीर से है
सच्चाई का जो ज़मीर से है
कैदी का जो जंजीर से है
समंदर का जो माहि-गीर से है
रांझे का जो हीर से है !!

मेरा तुमसे ऐसा रिश्ता है जैसे….
चाँद का जो रात से है
सावन का जो बरसात से है
दिल का जो ज़ज्बात से है
जीत का जो मात से है
तकदीर का जो हालात से है !!

मेरा तुमसे ऐसा रिश्ता है जैसे….
प्यार का जो इकरार से है
दुःख का जो इज़हार से है
शराब का जो खुमार से है
नफरत का जो प्यार से है
तिल का जो रुखसार से है !!

मेरा तुमसे ऐसा रिश्ता है जैसे….
कांटो का जो फूल से है
इंसान का जो भूल से है
राह का जो धूल से है
दुआ का जो कुबूल से है
किताब का जो रसूल से है !!

मेरा तुमसे ऐसा रिश्ता है जैसे….
बहार का जो चमन से है
निगाह का जो हुस्न से है
परदेशी का जो वतन से है
जुस्तजू का जो लगन से है
चोली का जो दामन से है
यादों का जो सावन से है !!

मेरा तुमसे ऐसा ही रिश्ता है…

Advertisements