“राजेश खन्ना की यादगार स्मृतियाँ”

<बाबु मोशाय…! जिन्दगी और मौत ऊपर वाले के हाथ है जहाँपनाह!
जिसे न आप बदल सकते है, न मै!
हम सब रँगमँच की कठपुतलियाँ है, जिनकी डोर उस ऊपर वाले के हाथ मे है!
कब, कौन, कैसे उठेगा, यह कोई नही जानता…!>
-:फिल्म आनँद का मशहुर सँवाद

“चर्चित डायलाँग्स”

* पुष्पा मुझसे तुम्हाये आँसु देखे नही जाते! आई हेट टियर्स (अमर प्रेम)
* भगवान ईन्सान बनाए लेकिन पेट ना दे! पेट दे तो फीर भुख न दे! (रोटी)
* मै जानता हुँ कि जिन्दगी के आखिरी मोङ पर कितना अँधेरा है! (सफर)

“किरदार जो जीवँत किए”

* आनँद मे मौत का ईन्तजार कर रहे खुशमिजाज बिमार!
* बावर्ची मे बिखरे परिवार को जोङने वाला रसोइया !
* अमर प्रेम मे एकाँत मे रहने वाला पति!
* खामोशी मेँ मनोरोगी की भुमिका यादगार रही!

“गीत जो अमर हो गए”

* जिन्दगी कैसी है पहेली हाय…..
* मेरे सपनो की रानी कब आएगी…..
* जय जय शिव शँकर…..
* चिँगारी कोई भङके तो सावन…..
* चला जाता हुँ किसी की धुन मेँ…..
* रुप तेरा मस्ताना, प्यार तेरा…..
* दुर कहीँ जब दिन ढल जाए…..

” दिवानगी जो फिर न दिखी”

* कई लङकियोँ ने खुन से उन्हे पत्र लिखे! कुछ ने तस्वीर से ही शादी कर ली, तो कुछ ने उनके नाम के टैटु गुदवा लिए! राजेश खन्ना की सफेद कार लङकियोँ के लिपिस्टीक की वजह से गुलाबी हो जाया करती थी!

” अदा जो दोहरायी ना गई”

* आँखे झपका कर , गर्दन टेढीकर सँवाद बोलने की ऊनकी कला कोई दोहरा ना पाया! वहीँ किशोर कुमार व्दारा गाने मे उडलई शब्द किसी दुसरे हीरो पर जमा ही नही!

“छवि जो दुसरा बना न पाया”

राजेश खन्ना ने रोमैँटिक हीरो के रुप मे जो पहचान बनाई वैसी फिर कोई नही बना पाया! रोमैँटीक हिरो के रुम मे हि उन्होने 4 साल मे 15 सुपरहिट फिल्मे देकर सबको चौँका दिया था! वो रोमानियत के बादशाह थे!

-प्रस्तुति नवीन कुमार साहू  

https://www.facebook.com/naveen.kumarsahu.92 )

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