Archive for अक्टूबर, 2012


मेरा प्यार,,,

सच ही तो है,,,

नादान है वो हैरान है वो… 

खुद के सवालों से परेशान है वो… 

कोई बताये उसे प्यार क्या होता है… 

सच्ची मोहब्बत से अभी अनजान है वो…

आज का मौसम कुछ जुदा-जुदा सा लगता है, 
कहीं मेरे यार ने मुझे दिल से पुकारा तो नहीं है ?

दो लाइन पर दुरुस्त लाइन…

कोई इतना अमीर नहीं होता कि वो अपना पुराना वक्त खरीद सके… और

कोई इतना गरीब भी नहीं होता कि वो अपना आनेवाला वक्त न बदल सके…

Love…