Category: शुभ दोपहरी


हो गई शाम किसी के इंतज़ार में

बीत गई रात किसी के इंतज़ार में

फिर हुआ सवेरा किसी के इन्तजार में

हम इंतज़ार करना सिख गये किसी के इन्तजार में

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एक सच,,,

दो लाइन पर दुरुस्त लाइन…

कोई इतना अमीर नहीं होता कि वो अपना पुराना वक्त खरीद सके… और

कोई इतना गरीब भी नहीं होता कि वो अपना आनेवाला वक्त न बदल सके…

दम…