Category: शुभ रात्रि


मेरे सजदों कि इबादत को तू क्या जाने ???

हाथ जो उठाया तेरी खुशियाँ मांगी…

सर जो झुकाया तेरी जिंदगी मांगी…
———————–(अनजान)

शुभ रात्रि स्नेही मित्रों

Advertisements

वादा

एक अहसास होने लगा है मुझे 

कि अब वो मुझे भूलने लगी है,

लगता है कि मेरी साँसे टूट रही है 

जीते जी ना भूलने का वादा जो था.
——————————
®नीलकमल वैष्णव”अनिश”

Love…

सजदे…